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Uttarakhand Election 2022: Bjp Prepared Chakravyuh For Harish Rawat – Election 2022: उत्तराखंड के चुनावी रण में हरीश रावत के लिए भाजपा ने तैयार किया चक्रव्यूह

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Uttarakhand Election 2022: कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और अरविंद पांडेय ने हरीश रावत को निशाने पर रखकर कांग्रेस पर वार किया। शुक्रवार को उनियाल ने खनन को लेकर हरीश रावत पर हमला बोला और शनिवार को उन्होंने सरकारी नौकरियों को लेकर हरीश पर निशाना साधा।

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के रथ के महारथी हरीश रावत को घेराबंदी करने के लिए भाजपा ने चक्रव्यूह तैयार कर लिया है। भाजपा के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाद अब संगठन का हर बड़ा और छोटा नेता हरीश रावत पर वार करने को तैयार है।

हरीश रावत को निशाने पर रखकर कांग्रेस पर वार
इसकी शुरुआत धामी सरकार के मंत्रियों ने कर दी है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और अरविंद पांडेय ने हरीश रावत को निशाने पर रखकर कांग्रेस पर वार किया। शुक्रवार को उनियाल ने खनन को लेकर हरीश रावत पर हमला बोला और शनिवार को उन्होंने सरकारी नौकरियों को लेकर हरीश पर निशाना साधा। सियासी जानकारों के मुताबिक, मंत्रियों का हरीश रावत पर हमलावर होना अनायास नहीं है बल्कि रणनीतिक है। नई दिल्ली में शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस इस रणनीति को धार दी गई थी और अब पार्टी इस पर लगातार आगे बढ़ेगी।

Uttarakhand Election 2022: सियासी अखाड़े में फिर आएंगे भाजपा के केंद्रीय दिग्गज, नड्डा करेंगे आगाज

पार्टी नेताओं के बयानों से संकेत साफ हैं कि हरीश रावत सरकार के समय में खनन, शराब, रोजगार और विकास से जुड़े मुद्दों पर तुलनात्मक आंकड़ों के जरिये भाजपा हमला बोलेगी और कांग्रेस को घेरने का प्रयास करेगी। शाह ने स्टिंग के जो तार छेड़े हैं, उस पर भाजपा नेता ऐसा राग अलापने वाले हैं, जो कांग्रेस को असहज कर सकता है। शायद ही एक बार फिर डेनिस शराब को लेकर भी उन्हें भाजपा नेता टारगेट करेंगे। जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ेगा, हरीश रावत की घेराबंदी तेज होती जाएगी।

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के मामले में भी भाजपा ने हरीश रावत को टारगेट किया है। कैबिनेट मंत्री व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि भले ही हरीश रावत आज खुद को सलमान खुर्शीद के बयानों से खुद को अलग करते हों, लेकिन उनका केंद्रीय नेतृत्व और राहुल गांधी आज भी सलमान के बयान से सहमत हैं। यह कांग्रेस की हिंदुओं के प्रति नफरत को दर्शाता है।

आरोप लगाया कि हरीश रावत अपने कार्यकाल में राज्य में तुष्टीकरण की फसल खड़ी कर दी। शायद इसी वजह से जनता ने उन्हें सबक सिखाया। अब चुनाव नजदीक हैं तो बाबा केदारनाथ व बदरीनाथ की शरण में जाने लगे हैं। भगत ने कहा, हरीश रावत कैमरे पर यह कहते सुनाई दिए कि जो करना है कर लो, मैंने आंख मूंद रखी है। हरीश रावत बताएं कि उन्होंने किसे लूटने के लिए कहा और कितनी रकम वसूली।

हमारी जिम्मेदारी है कि हम हरीश रावत का पाप याद दिलाते रहें : सुबोध
हरीश रावत से क्या भाजपा को खौफ खा रही है जो पूरी पार्टी उन्हें टारगेट कर रही है, इस प्रश्न के उत्तर में शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि हरीश रावत ने जो पाप इस राज्य के साथ किया, उस पाप को कभी उत्तराखंड नहीं भूल सकता। हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम लोगों को याद दिलाते रहें कि ये वही हरीश रावत हैं जो कह रहे थे, 25 करोड़ 30 करोड़ कमा लो, मैं आंखें बंद रखूंगा, मंत्री बन जाओ।

ये वही हरीश रावत हैं जो डेनिस रावत के नाम से कुख्यात थे। ये वही हरीश रावत हैं, जिन्होंने खनन का नंगा नाच खेलकर राज्य को लूटने का काम किया। ये चीजें याद दिलाई जा रही हैं तो इसमें बुराई क्या है? कांग्रेस बता दे कि उनके मुख्यमंत्री का उम्मीदवार कौन है तो हम उसी पर अटैक करना शुरू करें। फिलहाल हरीश रावत कहते हैं कि मेरे नेतृत्व में चुनाव होगा तो निश्चित रूप से उन्हीं के बारे में बोला जाएगा।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि महाभारत में भी एक योद्धा को लक्ष्य बनाया गया था, लेकिन उस योद्धा को लक्ष्य बनाने वालों का क्या हाल हुआ, यह सब जानते हैं। यदि उन्हें लक्ष्य बनाने से कांग्रेस और लोकतांत्रिक शक्तियों की जीत होती है तो वह इसके लिए तैयार हैं। भाजपा नेताओं के हमलों पर उन्होंने कहा कि चुनाव को मुद्दों से भटकने नहीं देंगे।

बता दें कि चुनावी रण में उतरने से पहले भाजपा ने पूर्व सीएम हरीश रावत को निशाने पर लिया है। एक के बाद एक, उन पर लगातार सियासी हमले किए जा रहे हैं। लेकिन इन सब के बीच बेफ्रिक हरीश रावत भी ललकार के साथ वार के लिए तैयार हैं।

अमर उजाला से बातचीत में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश में एक उन्माद पैदा किया गया। जिसमें जनता के मुद्दे गौण हो गए। कब्रिस्तान और श्मशानघाट के मुद्दे छा गए। लेकिन इस बार हम चुनाव को मुद्दों से भटकने नहीं देंगे। हम अपने कामों को जनता के बीच ले जाएंगे। क्योंकि भाजपा के पास बताने के लिए कोई उपलब्धि नहीं है। वह मनगढंत बातें बुनेंगे, लेकिन हम लोकतांत्रिक, तर्कशक्ति और विचारों से उनका जवाब देंगे। उनके हर अस्त्र का लोकतांत्रिक और शिष्ठता के साथ जवाब दिया जाएगा।

मैं फिर कह रहा हूं, शासनादेश दिखा दो मैं राजनीति छोड़ दूंगा
बकौल हरीश रावत, भाजपा का सिद्धांत है, झूठ बोलो, बार-बार बोलो और जोर से बोलो, मिलकर बोलो और लगातार बोलो..। हमारे खिलाफ जब शुक्रवार की नमाज की छुट्टी का पर्दाफाश हो गया, तब आजकल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के दूर-दराज के गांवों में उनके समय में नमाज की छुट्टी का झूठ बोल रहे हैं। जुमे की नमाज का शासनादेश दिखा दें, हरीश रावत राजनीति से सन्यास ले लेंगे। मेरे सिर की टोपी दिखाएंगे तो मैं उनके दादा-परदाओं की तमाम टोपियां दिखा दूंगा।

पर्वों पर भी घृणा की राजनीति कर रहे
हरीश रावत ने कहा कि हमने इगास पर छुट्टी की, छठ पर और करवाचौथ पर भी छुट्टी की। ऐसी तमाम छुट्टियां कीं, जो हिंदुओं के पर्वों पर आधारित हैं। लेकिन हमारी छुट्टियां घृणा पर आधारित नहीं थीं। लेकिन भाजपा के लोग पर्वों को भी घृणा पर आधारित कर रहे हैं।

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के रथ के महारथी हरीश रावत को घेराबंदी करने के लिए भाजपा ने चक्रव्यूह तैयार कर लिया है। भाजपा के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाद अब संगठन का हर बड़ा और छोटा नेता हरीश रावत पर वार करने को तैयार है।

हरीश रावत को निशाने पर रखकर कांग्रेस पर वार

इसकी शुरुआत धामी सरकार के मंत्रियों ने कर दी है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और अरविंद पांडेय ने हरीश रावत को निशाने पर रखकर कांग्रेस पर वार किया। शुक्रवार को उनियाल ने खनन को लेकर हरीश रावत पर हमला बोला और शनिवार को उन्होंने सरकारी नौकरियों को लेकर हरीश पर निशाना साधा। सियासी जानकारों के मुताबिक, मंत्रियों का हरीश रावत पर हमलावर होना अनायास नहीं है बल्कि रणनीतिक है। नई दिल्ली में शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस इस रणनीति को धार दी गई थी और अब पार्टी इस पर लगातार आगे बढ़ेगी।

Uttarakhand Election 2022: सियासी अखाड़े में फिर आएंगे भाजपा के केंद्रीय दिग्गज, नड्डा करेंगे आगाज

पार्टी नेताओं के बयानों से संकेत साफ हैं कि हरीश रावत सरकार के समय में खनन, शराब, रोजगार और विकास से जुड़े मुद्दों पर तुलनात्मक आंकड़ों के जरिये भाजपा हमला बोलेगी और कांग्रेस को घेरने का प्रयास करेगी। शाह ने स्टिंग के जो तार छेड़े हैं, उस पर भाजपा नेता ऐसा राग अलापने वाले हैं, जो कांग्रेस को असहज कर सकता है। शायद ही एक बार फिर डेनिस शराब को लेकर भी उन्हें भाजपा नेता टारगेट करेंगे। जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ेगा, हरीश रावत की घेराबंदी तेज होती जाएगी।

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