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Uttarakhand Festival: Cm Pushkar Singh Dhami Will Talk To Yogi Adityanath On Assets Dispute – लखनऊ में बोले सीएम धामी: उत्तराखंड के विकास में सहयोगी बनकर जन्मभूमि से जुड़ें प्रवासी

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सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वर्ष 2025 में जब राज्य को 25 साल पूरे होंगे तब हमारा राज्य युवा होने के साथ ही देश का श्रेष्ठ, उत्कृष्ट एवं आदर्श राज्य होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रह रहे उत्तराखंड वासियों से प्रदेश के विकास में सहयोगी बनने के साथ ही अपनी जन्म भूमि से जुड़े रहने की अपील की है। बुधवार को लखनऊ में पर्वतीय महापरिषद लखनऊ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रवासी प्रदेश वासियों ने स्वागत किया। सीएम ने कहा कि पर्वतीय महापरिषद ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति, लोक संगीत, लोक नृत्य, धार्मिक पौराणिक सामाजिक रीति रिवाजों को जीवंतता प्रदान करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भले ही पृथक राज्य बना हो, लेकिन उत्तर प्रदेश से बहुत गहरे संबंध हैं। लखनऊ की भूमि से उनका बचपन से जुड़ाव रहा है, यहां से उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की है।

सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वर्ष 2025 में जब राज्य को 25 साल पूरे होंगे तब हमारा राज्य युवा होने के साथ ही देश का श्रेष्ठ, उत्कृष्ट एवं आदर्श राज्य होगा। पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार ने लगभग एक लाख करोड़ की विभिन्न परियोजनाएं उत्तराखंड के स्वीकृत की हैं।

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के प्रति विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में 50 लाख लोगों के उत्तराखंड अटल आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। अब तक 3.50 लाख लोगों ने इसका लाभ उठाने के साथ ही 460 करोड़ की धनराशि का भुगतान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव है। हाल ही में उन्होंने केदारनाथ में 400 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण किया है। केदारपुरी में अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। शंकराचार्य की समाधि स्थल तथा भव्य मूर्ति का भी प्रधानमंत्री मोदी ने अनावरण किया गया है। इसके साथ ही बदरीनाथ धाम का भी मास्टर प्लान तैयार किया गया है।

दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजभवन में उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से उनके आवास पर मुलाकात की। राजभवन में भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को स्मृति चिह्न के रूप में भगवान केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति तथा रुद्राक्ष का पौधा उपहार स्वरूप दिया। राज्यपाल ने भी मुख्यमंत्री धामी को शॉल और दो पुस्तकें ‘लोकहित के मुखर स्वर’ तथा ‘वो मुझे हमेशा याद रहेंगे’ देकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द भी उपस्थित रहे। उधर, मुख्यमंत्री के स्वागत में यूपी के विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया। उन्होंने शाल एवं विधान सभा का मोमेंटो भी भेंट किया। दीक्षित ने इस दौरान सीएम को कुछ पुस्तकें भी भेंट कीं।

सीएम धामी ने पुराने दिनों को याद किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लखनऊ विश्वविद्यालय से पढ़े हैं। यहां के विद्यार्थी जीवन से लेकर राजनीति के क्षेत्र में आने तक उनका लखनऊ से जुड़ाव रहा है। लखनऊ प्रवास के बीच उनकी विश्व संवाद केंद्र में विधानसभा अध्यक्ष दीक्षित से भेंट होती रहती थी। उन्हें राजनीतिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मामलों में दीक्षित का सदैव मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा है। उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें पहली बार लखनऊ आने का अवसर प्राप्त हुआ। लखनऊ आने पर सबसे उन्होंने अपने अग्रजों और मार्गदर्शकों से भेंट करने का कार्यक्रम बनाया।

विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रह रहे उत्तराखंड वासियों से प्रदेश के विकास में सहयोगी बनने के साथ ही अपनी जन्म भूमि से जुड़े रहने की अपील की है। बुधवार को लखनऊ में पर्वतीय महापरिषद लखनऊ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रवासी प्रदेश वासियों ने स्वागत किया। सीएम ने कहा कि पर्वतीय महापरिषद ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति, लोक संगीत, लोक नृत्य, धार्मिक पौराणिक सामाजिक रीति रिवाजों को जीवंतता प्रदान करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भले ही पृथक राज्य बना हो, लेकिन उत्तर प्रदेश से बहुत गहरे संबंध हैं। लखनऊ की भूमि से उनका बचपन से जुड़ाव रहा है, यहां से उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की है।

सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वर्ष 2025 में जब राज्य को 25 साल पूरे होंगे तब हमारा राज्य युवा होने के साथ ही देश का श्रेष्ठ, उत्कृष्ट एवं आदर्श राज्य होगा। पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार ने लगभग एक लाख करोड़ की विभिन्न परियोजनाएं उत्तराखंड के स्वीकृत की हैं।

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के प्रति विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में 50 लाख लोगों के उत्तराखंड अटल आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। अब तक 3.50 लाख लोगों ने इसका लाभ उठाने के साथ ही 460 करोड़ की धनराशि का भुगतान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव है। हाल ही में उन्होंने केदारनाथ में 400 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण किया है। केदारपुरी में अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। शंकराचार्य की समाधि स्थल तथा भव्य मूर्ति का भी प्रधानमंत्री मोदी ने अनावरण किया गया है। इसके साथ ही बदरीनाथ धाम का भी मास्टर प्लान तैयार किया गया है।

दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजभवन में उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से उनके आवास पर मुलाकात की। राजभवन में भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को स्मृति चिह्न के रूप में भगवान केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति तथा रुद्राक्ष का पौधा उपहार स्वरूप दिया। राज्यपाल ने भी मुख्यमंत्री धामी को शॉल और दो पुस्तकें ‘लोकहित के मुखर स्वर’ तथा ‘वो मुझे हमेशा याद रहेंगे’ देकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द भी उपस्थित रहे। उधर, मुख्यमंत्री के स्वागत में यूपी के विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया। उन्होंने शाल एवं विधान सभा का मोमेंटो भी भेंट किया। दीक्षित ने इस दौरान सीएम को कुछ पुस्तकें भी भेंट कीं।

सीएम धामी ने पुराने दिनों को याद किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लखनऊ विश्वविद्यालय से पढ़े हैं। यहां के विद्यार्थी जीवन से लेकर राजनीति के क्षेत्र में आने तक उनका लखनऊ से जुड़ाव रहा है। लखनऊ प्रवास के बीच उनकी विश्व संवाद केंद्र में विधानसभा अध्यक्ष दीक्षित से भेंट होती रहती थी। उन्हें राजनीतिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मामलों में दीक्षित का सदैव मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा है। उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें पहली बार लखनऊ आने का अवसर प्राप्त हुआ। लखनऊ आने पर सबसे उन्होंने अपने अग्रजों और मार्गदर्शकों से भेंट करने का कार्यक्रम बनाया।

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